बुरहानपुर शहर में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा अखबार के कागज में खाने-पीने की सामग्री परोसने और पैक करने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कई होटल, ठेले और जंक फूड विक्रेता आज भी इस तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में लेड समेत कई हानिकारक रसायन पाए जा सकते हैं। जब गर्म खाद्य पदार्थ जैसे समोसे, कचौरी, भजिए और अन्य तली हुई चीजें अखबार के संपर्क में आती हैं, तो इन रसायनों के भोजन में मिल जाने की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह का भोजन लंबे समय तक सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और पेट से जुड़ी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
शहर में कई स्थानों पर अब भी खाद्य सामग्री अखबार के कागज में परोसी जा रही है। इससे खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नियम होने के बावजूद उनका प्रभावी पालन नहीं कराया जा रहा है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने भी इस लापरवाही को गंभीर स्वास्थ्य खतरा बताया है। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से परोसना जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

जनस्वास्थ्य से जुड़े समाजसेवियों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद लोगों और विक्रेताओं में जागरूकता की कमी है। उन्होंने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से विशेष अभियान चलाने, लोगों को जागरूक करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है। प्रशासन, खाद्य विभाग और आम लोगों के सहयोग से ही अखबार में खाद्य सामग्री परोसने की परंपरा को खत्म किया जा सकता है और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है।