रिपोर्ट: सत्यम दुबे
बलरामपुर: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियां जिला पंचायत अध्यक्ष की तैयारियों में लग गई है। विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में हुए पंचायत चुनाव को सभी राजनीतिक पार्टियां सेमीफाइनल मानकर प्रदर्शन की थी। पंचायत चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी ताल ठोक रही है कि यूपी में वह पंचायत चुनाव के माध्यम से वापसी कर ली है। जबकि भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी के इस दावों को झूठा बता रही है।
प्रदेश में जारी सियासत के बीच BJP बलरामपुर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुमारी आरती तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर आरती के नाम की घोषणा की है। 26 जून को जिपं अध्यक्ष पद के लिए नामांकन शुरू होगा। भाजपा प्रत्याशी 21 साल की हैं और बीए तृतीय वर्ष की छात्रा है।
वहीं दूसरी ओर सपा ने किरन यादव को प्रत्याशी घोषित कर रखा है। बात करें बसपा की तो बसपा ने अभी तक पत्ता नहीं खोला है। जिला पंचायत अध्यक्ष की यह सीट महिला पद के लिए आरक्षित है। कुल 40 सीटों में से भाजपा के पास छह सदस्य हैं। सपा के पास 13 व बसपा के पास 10 जिला पंचायत सदस्य हैं। दोनों ही दलों के पास 21 का जादुई आंकड़ा नहीं है। भाजपा व सपा के प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही जोड़तोड़ शुरू हो गई है।
BJP और SP के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा व सपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद दोनों दलों के कद्दावर नेताओं ने जोड़तोड़ शुरू कर दी है। किसी भी दल के पास 21 जिला पंचायत सदस्य नहीं है। ऐसे में 10 निर्दल सदस्य भी अध्यक्ष बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। इस स्थिति में 40 सीटों पर राजनीतिक दलों के समर्थित व निर्दल उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट है। अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए जोर आजमाइश अंतिम दौर में हैं। बीजेपी की तरफ से आरती तिवारी का नाम घोषित होने के बाद अटकलों पर विराम लग गया है।