जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक को अवमानना से जुड़े मामले में राहत प्रदान करते हुए उनकी ओर से प्रस्तुत माफी को स्वीकार कर लिया है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी भी दी कि भविष्य में इस प्रकार की कोई भी हरकत दोबारा नहीं होनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विधायक संजय पाठक की माफी को स्वीकार करते हुए कहा कि भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि संबंधित घटनाक्रम से न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा या रुकावट उत्पन्न नहीं हुई। इसी आधार पर अदालत ने माफी स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की।

यह पूरा मामला हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन कॉल और संदेश भेजे जाने से जुड़ा था। इस घटनाक्रम को लेकर अवमानना का मामला विचाराधीन था, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना सुरक्षित फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने पहले इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। आदेश जारी करते हुए अदालत ने संजय पाठक को राहत तो दी, लेकिन भविष्य में न्यायिक मर्यादा और अदालत की गरिमा का पूर्ण सम्मान बनाए रखने की सख्त चेतावनी भी दी।