विशाखापट्टनम, 17 सितंबर: भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) के 13वें स्थापना दिवस समारोह में डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, पत्रकारिता की विश्वसनीयता, नैतिक दायित्व और पत्रकारों के कल्याण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। नव्यांध्र जर्नलिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने बदलते मीडिया परिदृश्य पर अपने विचार रखे।
समारोह के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार कृष्णमोहन झा ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने आम लोगों को अपनी बात रखने का व्यापक मंच दिया है। हालांकि, केवल कैमरा या माइक के साथ समाचार प्रसारित करने से पत्रकारिता की पेशेवर जिम्मेदारियां पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता तथ्यों की पुष्टि, भरोसेमंद स्रोतों, निष्पक्ष प्रस्तुति और संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण सामने रखने जैसी प्रक्रियाओं से तय होती है।

कृष्णमोहन झा ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और पेशेवर पत्रकार के बीच अंतर को स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या फॉलोअर्स की संख्या को पत्रकारिता की गुणवत्ता का आधार नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, समाचार तैयार करते समय तथ्य जांचना, स्रोतों की विश्वसनीयता परखना, सभी संबंधित पक्षों को स्थान देना और गलती होने पर उसे सुधारना पत्रकारिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
कार्यक्रम में डिजिटल मीडिया के लिए नियमन और जवाबदेही की मौजूदा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। वक्ता ने कहा कि पारंपरिक मीडिया के दौर में बनी व्यवस्थाओं के सामने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के विस्तार के कारण नई चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने बदलते तकनीकी और मीडिया परिवेश को देखते हुए एक व्यापक Media Council के गठन पर विचार करने की आवश्यकता बताई। उनके मुताबिक ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य पत्रकारिता की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, बल्कि पेशेवर मानकों, नैतिकता और जवाबदेही को मजबूत करना होना चाहिए।

समारोह में पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर भी विचार किया गया। कृष्णमोहन झा ने कहा कि समाज पत्रकारों से निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की अपेक्षा करता है, इसलिए पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी संस्थागत स्तर पर काम किया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकार संगठनों से पत्रकारों के हितों के साथ-साथ पत्रकारिता की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता की अहम भूमिका है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी है। उन्होंने जनहित और तथ्यों को पत्रकारिता का आधार बनाए रखने पर जोर दिया।
समारोह में मौजूद पत्रकार प्रतिनिधियों और अन्य वक्ताओं ने मीडिया के बदलते स्वरूप, संगठनात्मक एकता, पत्रकार कल्याण और पेशेवर दायित्वों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, नैतिकता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर संवाद का अवसर मिला।