मध्य प्रदेश शासन के जेल विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता ने सर्किल जेल रतलाम का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को मिल रही सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने सबसे पहले जेल के मुख्य प्रवेश द्वार की सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया। इसके बाद सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचकर निगरानी प्रणाली की स्थिति देखी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली पेशी और बंदियों के टेलीफोन बूथ से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की। परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
प्रमुख सचिव ने जेल अस्पताल और नशामुक्ति वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती बंदियों से बातचीत कर उनके उपचार और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जेल चिकित्सक की मौजूदगी में दवाओं के स्टॉक और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी पड़ताल की गई। इसके अलावा जेल स्कूल और लाइब्रेरी का निरीक्षण कर बंदियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं धार्मिक पुस्तकों की जानकारी ली गई।

औचक निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव पुरुष और महिला दोनों वार्डों में पहुंचे। उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और जेल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल में कर्मचारियों की कमी का विषय भी सामने आया। जेल अधीक्षक ने प्रमुख सचिव को स्टाफ की उपलब्धता और आवश्यकता से संबंधित जानकारी दी। साथ ही नवीन जेल निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने जेल की सुरक्षा और कर्मचारियों की आवश्यकताओं से जुड़े विषयों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के समापन पर प्रमुख सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता ने सर्किल जेल परिसर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। औचक निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा, बंदियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की मौके पर समीक्षा की गई।