लद्दाख की गलवान वैली में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से ही अमेरिका ने खुलकर भारत का समर्थन करना शुरू कर दिया था।
और अब अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने लद्दाख गतिरोध को लेकर भारत के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर दिया है।
आपको बता दे कि सदन ने न सिर्फ इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है, बल्कि ये भी माना है कि चीन उस इलाके में गैरकानूनी कब्ज़ा करने की कोशिश कर सकता है।
भारतवंशी एमी बेरा और एक अन्य सांसद स्टीव शैबेट राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) में संशोधन का प्रस्ताव लाए थे।
इस प्रस्ताव में कहा गया है कि चीन ने गलवान घाटी में आक्रामकता दिखाई है और उसने कोरोना पर ध्यान बंटाकर भारत के क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोशिश की है।
भारत-चीन की एलएसी, दक्षिण चीन सागर ओर सेनकाकु द्वीप जैसे विवादित क्षेत्रों में चीन का विस्तार और आक्रामकता गहरी चिंता के विषय हैं।
इसके आलावा प्रस्ताव में दक्षिण चीन सागर में चीनी सेना के बढ़ते दखल पर भी चिंता जाहिर की गयी है।