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भारतमाला एक्सप्रेस-वे निर्माण से बढ़ीं समस्याएं, मंत्री जमा खान ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

कैमूर में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे से ग्रामीण सड़कों को नुकसान और बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर मंत्री जमा खान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

By: BS Yadav 
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भारतमाला एक्सप्रेस-वे निर्माण से बढ़ीं समस्याएं, मंत्री जमा खान ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

कैमूर। बिहार के कैमूर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे को लेकर स्थानीय लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मंत्री ने कहा है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में लगी भारी वाहनों की आवाजाही के कारण चैनपुर विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के तीन से चार प्रखंडों की 100 से अधिक ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनमें 50 से 60 ऐसी सड़कें भी शामिल हैं, जिनका निर्माण वर्ष 2020 के बाद हाल ही में कराया गया था। सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्मित अधिकांश सड़कों की भार क्षमता लगभग 12 टन है, जबकि निर्माण कार्य में लगे ट्रक और डंपर 40 से 50 टन तक सामग्री लादकर इन मार्गों से गुजर रहे हैं। इससे सड़कों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है और कई मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।

मंत्री जमा खान ने यह भी कहा कि ओवरलोड वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय में क्षेत्र के 13 से 14 युवाओं की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश की उम्र 25 वर्ष से कम थी। उन्होंने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक और जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कैमूर जिलाधिकारी के साथ बैठक की गई थी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री से की गई प्रमुख मांगों में ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की अवैध ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने, दोषी कंपनियों एवं वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कम से कम एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा क्षतिग्रस्त मुख्य एवं संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार की स्वीकृति देने की मांग शामिल है।

मंत्री जमा खान ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रही है। यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

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