बरेली में शराब माफिया, अफसरशाही के गठजोड़ को भाजपा के पदाधिकारी मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। सरकार सुशासन के संकल्प पर आगे बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह के गठजोड़ को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
केएम अरोरा एक संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान मीडिया ने बरेली के चर्चित शराब प्रकरण मामले में सवालों की उनके सामने झड़ी लगा दी। इनामी शराब माफिया व तत्कालीन डीएम के साथ वायरल फोटो के जरिए गठजोड़ को लेकर सवाल हुए तो कहा कि मीडिया के माध्मय से यह सब मुद्दे सामने आए हैं। पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
हालांकि, इसी बीच तत्कालीन डीएम का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार लोग साथ बैठ जाते हैं, सबके बारे में हमें जानकारी नहीं होती। इसीलिए पूरे मामले में पहले भूमिका की जांच कराई जाएगी। माफिया अफसरशाही के बीच संगठनों की भूमिका के सवाल पर कहा कि अपराधियों से संगठनों के गठजोड़ की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उनका पंजीकरण निरस्त कराया जाएगा और जांच कराई जाएगी।
इस आपरेशन के जरिए एलआइयू संचालित स्वयंसेवी संस्थाओं के बारे में पूरी जानकारी इकट्टा करेगी। बकायदा, संगठन की स्थापना, जुड़े लोग, वित्तीय मदद, खाते व हर एक बिंदु की जानकारी इकट्टा की जाएगी। लिहाजा, जांच में कई संगठनों के घिरने का भी अंदेशा बढ़ गया है। पहले ही पूरे मामले