लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया गया, जिसके तहत बैंक खाताधारक अब अपने खातों में अधिकतम चार नॉमिनी रख सकते हैं। यह बदलाव जमाराशियों, सेफ कस्टडी में रखी वस्तुओं और सुरक्षा लॉकरों से जुड़े नामांकन प्रावधानों को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस विधेयक को पारित करते हुए बताया कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा और बैंकिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
अब जमाकर्ता अपनी पसंद के चार व्यक्तियों को नामांकित कर सकते हैं और ये नामांकन एक साथ या क्रमिक रूप से किए जा सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा लॉकरों में केवल क्रमिक नामांकन की सुविधा होगी।
(1) चार नॉमिनी रखने की अनुमति – बैंक खातों, जमाराशियों और लॉकरों में अब अधिकतम चार नॉमिनी को नामांकित किया जा सकता है।
(2) नामांकन का तरीका – खाताधारक के पास क्रमिक या एक साथ नामांकन करने का विकल्प होगा, लेकिन सुरक्षा लॉकरों के लिए यह विकल्प केवल क्रमिक नामांकन तक सीमित रहेगा।
(3) लाभकारी हित की सीमा बढ़ाई गई – विधेयक में लाभकारी हित की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है।
(4) सहकारी बैंकों के निदेशकों का कार्यकाल – सहकारी बैंकों में निदेशकों के कार्यकाल को 8 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है। इससे बैंकों में स्थिरता आएगी और निदेशकों को ज्यादा समय मिलेगा।
(5) रिपोर्टिंग तिथियों में बदलाव – बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक को वैधानिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तिथियों में बदलाव करने की अनुमति मिलेगी, ताकि वे पखवाड़े, महीने या तिमाही के अंत में रिपोर्टिंग कर सकें।
इसके अलावा, विधेयक में बैंकों को अपने लेखा परीक्षकों के पारिश्रमिक को तय करने में अधिक स्वतंत्रता देने का भी प्रावधान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “हमारा लक्ष्य बैंकों को सुरक्षित, स्थिर और स्वस्थ बनाए रखना है, ताकि बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास बना रहे। हम चाहते हैं कि बैंक पेशेवर तरीके से संचालित हों और अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाए। पिछले 10 वर्षों में बैंकिंग क्षेत्र में जो स्थिरता आई है, उसका सकारात्मक असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।”
This Post is written by Abhijeet Kumar yadav