खाड़ी देश में काम कर रहे भारतीयों के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल कुवैत की सरकार ने अप्रवासी कोटा बिल के मसौदे को मंजूरी दे दी है।
कमेटी ने इस बिल को संवैधानिक करार दिया है, आपको बता दे कि बिल के पारित होने के बाद करीब 8 लाख भारतीय को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है।
दरअसल इस बिल के मुताबिक कुवैत में भारतीयों की संख्या देश की आबादी में 15% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एक व्यापक योजना तैयार करने की बात भी कही गई है।
इसी साल मई में सरकार ने नगरपालिका की सभी नौकरियों में प्रवासियों की जगह कुवैत के नागरिकों को नियुक्त करने को कहा था।
ज्ञात हो, कुवैत में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है। कुवैत में करीब 10.45 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें केरल और तमिलनाडु के लोग सबसे ज्यादा हैं।
यहां पर प्रवासी मजदूर तेल और कंस्ट्रक्टशन कंपनियों में काम करते हैं। देश की कुल आबादी 40.3 लाख है। इनमें दूसरे देशों से आए लोगों की संख्या करीब 30 लाख है।