सदियों से चले जा रहे राम मंदिर विवाद में इतिहास लिखने को अयोध्या तैयार है। सालों से तिरपाल के नीचे रह रहे रामलला विराजमान अब भव्य मंदिर में विराजने वाले है और इसका शिलान्यास पूर्णिमा यानी 3 अगस्त को हो सकता है।
दरअसल संतों की मंशा है की खुद पीएम मोदी कार्यक्रम में आये और अगर ऐसा होता है तो इतिहास के पहले पीएम होंगे जो राम लला के दर्शन करेंगे। इसलिए 3 और 5 अगस्त, ये दो तारीख ट्रस्ट की और से दी गई है।
संभावना है कि 5 अगस्त को पूर्णिमा के दिन पीएम अयोध्या आकर भूमि पूजन में हिस्सा ले सकते हैं क्यूंकि इस दिन का धार्मिक महत्व अधिक है।
आपको बता दे कि सदियों से चले आ रहे बाबरी मस्जिद वर्सेज राम मंदिर विवाद का निपटारा पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया था और पूरी ज़मीन राम लला विराजमान को दे दी थी।