{ लखनऊ से संजय श्रीवास्तव की रिपोर्ट }
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर से नौकरशाहों के साथ-साथ एलडीए व आवास विकास के बड़े डिफाल्टरों में हड़कम्प है। आवास विकास और एलडीए में लंबे समय से बड़े डिफाल्टरों की संख्या में पिछले कई वर्षों से इजाफा हुआ है जिसकी वजह से करोड़ों रुपए की संपत्ति अधर में लटक गयी है।
इसके समाधान के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन टाइम सेटेलमेंट ओटीएस लागू करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ओटीएस 2020 योजना के पहले चरण में डिफाल्टरों के आवेदन लिये जायें, उसके अगले तीन माह में इनका निस्तारण किया जाये।
ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी छह माह में कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इससे जहां सरकार के पास रूकी हुयी बड़ी धनराशि आयेगी वहीं बड़े डिफाल्टरों को भी राहत मिल जायेगा।आवास एवं शहरी नियोजन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने बताया कि वन टाइम सेटेलमेंट योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
इस योजना के बाद एलडीए व आवास विकास के बड़े डिफाल्टरों को छह माह का वक्त दिया जायेगा ताकि वे चरणबद्ध तरीके से अपना बकाया राशि जमा कर सकें। उन्होंने बताया कि ओटीएस योजना ऑनलाइन के साथ-साथ आफ लाइन भी रखा जा रहा है,ताकि लोगों को दोनों तरह की सुविधायें मिल सके।
प्रमुख सचिव ने बताया कि इसी परिपेक्ष्य में हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुयी जिसमें उन्होंने निर्देशित किया है कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही ना बरती जाये ताकि अधिक से अधिक संख्या में डिफाल्टर इसका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अभी तक आवास विकास व एलडीए के बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। हमलोग इस पर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाब देही भी तय कर रहे हैं।
इस योजना में रत्तीभर कोताही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी। दीपक कुमार ने कहा कि इस योजना के लिए अधिकारियों को भीनिर्देश दिये गये हैं कि वे एक कमेटी गठित करें,जिससे पूरा काम पारदर्शी तरीके से हो