चीन और अमेरिका की बढ़ती तनातनी के बीच एक बार फिर अमेरिका ने चीन पर बड़े आरोप लगाए है। आपको बता दे कि दरअसल अमेरिका ने यह आरोप लगाया है कि चीन और रूस उसकी कोरोना वैक्सीन का डेटा चुराने की कोशिश कर रहे है।
अमेरिकी इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें यह कहा गया है कि चीन और रूस की खुफिया एजेंसियां रिसर्च का डेटा चुराने की भरसक कोशिश कर रही हैं। ब्रिटेन की इंटेलिजेंस एजेंसी ने फाइबर ऑप्टिक्स केबल्स के एनालिसिस के बाद इसका खुलासा किया था। ईरान भी इसी चोरी में शामिल होने का शक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और रूस दवा कंपनियों के डाटा में सेंध लगाने के बाद अब उत्तरी केरोलिना विश्वविद्यालय और अन्य अत्याधुनिक विश्वविद्यालयों से जुड़े अनुसंधान संस्थानों का डाटा चुराने की कोशिश में है।
एफबीआई ने चीन की अब तक हर कोशिश को नाकाम किया है। यूएनसी की प्रवक्ता लेस्ली मिंटन ने पिछले दिनों कहा था- खुफिया एजेंसियां हमें खतरे के बारे में अलर्ट भेजती हैं। हम सभी बायोटेक्नोलॉजी लैब्स को इस बारे में बताते हैं।