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कोरोना वायरस के बीच दुनिया में एक और वायरस का दस्तक, पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी में मिला पहला केस, WHO ने दी जानकारी

चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस की चपेट से अभी पूरी दुनिया बाहर निकली भी नहीं थी कि एक और वायरस ने दुनिया में दस्तक दे दिया है। इस वायरस को लेकर WHO (विश्व स्वास्थ संगठन) ने एक चेतावनी भी जारी की है। विश्व स्वास्थ संगठन ने जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिमी अफ्रीका गिनी में Marburg virus का यह अब तक का पहला मामला है।

By: Amit ranjan 
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कोरोना वायरस के बीच दुनिया में एक और वायरस का दस्तक, पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी में मिला पहला केस, WHO ने दी जानकारी

नई दिल्ली : चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस की चपेट से अभी पूरी दुनिया बाहर निकली भी नहीं थी कि एक और वायरस ने दुनिया में दस्तक दे दिया है। इस वायरस को लेकर WHO (विश्व स्वास्थ संगठन) ने एक चेतावनी भी जारी की है। विश्व स्वास्थ संगठन ने जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिमी अफ्रीका गिनी में Marburg virus का यह अब तक का पहला मामला है। यह एक जानलेवा वायरस है जो ईबोला संबंधित है और कोरोना की तरह जानवरों से इंसानों में आया है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह वायरस चमगादड़ों से फैलता है और इसकी इसकी मृत्यु दर 88 प्रतिशत तक होती है। 2 अगस्त को दक्षिणी गुएकेडौ प्रान्त में एक मरीज की मौत हो गई। उसी के नमूनों में इस वायरस को पाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस व्यक्ति में इबोला नहीं मिला लेकिन मारबर्ग वायरस मिला।

अफ्रीका के डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ मात्शिदिसो मोएती ने कहा कि, “मारबर्ग वायरस को दूर-दूर तक फैलने से रोकने के लिए हमें इसे अपने ट्रैक में रोकने की जरूरत है।”

गिनि में Marburg virus का पता ऐसे समय में चला है जब दो महीने पहले ही डब्ल्यूएचओ ने यहां इबोला वायरस के खत्म होने का एलान किया है। पिछले साल यहां इबोला की शुरुआत हुई थी, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी। वहीं इस वायरस के खतरे को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसका खतरा क्षेत्रीय स्तर पर ज्यादा है और वैश्वित स्तर पर कम।

मोएती ने कहा कि, “हम स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं जिससे इबोला के प्रबंधन में गिनी के पिछले अनुभव और विशेषज्ञता पर के आधार पर इस वायरस को रोकने के लिए काम किया जा सके।” गिनी सरकार ने भी एक बयान में मारबर्ग मामले की पुष्टि की है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मारबर्ग वायरस आमतौर पर उन गुफाओं या खानों में मौजूद होता है जहां रौसेटस चमगादड़ रहते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब एक बार कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आ जाता है उसके बाद शारीर से निकलने वाले तरल पदार्थ,  दूषित सतहों और सामग्रियों के संपर्क में आने से फैलता है।

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