रिपोर्ट: सत्यम दुबे
देहरादून: बाबा रामदेव उन दिनों अपने बयानों के लेकर काफी सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होने कोरोना महामारी को लेकर एलोपैथ पर सवाल खड़ा कर दिया था। जिसके बाद बाबा को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा मानहानि का नोटिस भेजने की खबर अभी आई ही थी। जिसके बाद उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
IMA Uttarakhand sends a defamation notice of Rs 1000 cr to Yog Guru Ramdev. The notice states that if he doesn’t post a video countering the statements given by him and tender a written apology within the next 15 days, then a sum of Rs 1000 crores will be demanded from him. pic.twitter.com/c7RlLInXi3
— ANI (@ANI) May 26, 2021
वायरल इस विडियो में बाबा कहते नजर आ रहे हैं कि किसी के बाप में दम नहीं जो बाबा रामदेव को गिरफ्तार कर सके। इसके बाद उन्होने आगे कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए कई तरह के ट्रेंड सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की किसी घटना से उन्हें कोई प्रभाव नही पड़ता। आपको बता दें कि वायरल यह वीडियो कब का है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
बाबा रामदेव वायरल वीडियो कहते दिख रहे हैं कि “सोशल मीडिया पर लोग शोर मचाते हैं कि अरेस्ट करो, कभी कुछ चलाते हैं और कभी कुछ चलाते हैं। कभी चलाते है कि ठग रामदेव, कभी महाठग रामदेव, अरेस्ट रामदेव कुछ लोग चलाते हैं। चलाने दो इनको।’ बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर #arrestbabaramdev के ट्रेंड होने पर एक ऑनलाइन मीटिंग के दौरान बाबा रामदेव ने यह बयान दिया है।
आपको बता दें IMA ने पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि बाबा रामदेव अपने बयान के लिए 15 दिनों के भीतर माफी मांगें, नहीं तो IMA उनके खिलाफ 1000 करोड़ रुपये का दावा ठोकेगा। डॉक्टरों के संगठन ने मांग की है कि रामदेव को इस बयान के खिलाफ लिखित में माफी मांगनी होगी, अन्यथा कानूनी रूप से ये दावा ठोका जाएगा।
IMA ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो पर आपत्ति जताई थी जिसमें रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी ‘बकवास विज्ञान’ है। उन्होंने कहा था कि देश में औषधि महानियंत्रक की ओर से कोरोना के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू और ऐसी अन्य दवाएं मरीजों का इलाज करने में असफल रही हैं।
उन्होंने आगे कहा था कि अगर एलोपैथी इतना ही अच्छा है तो डॉक्टरों को बीमार नहीं होना चाहिए। डॉक्टरों के विरोध के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रामदेव के बयान को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए इसे वापस लेने को कहा था। इसके बाद रामदेव ने बयान वापस ले लिया था और साथ ही आईएमए से 26 सवालों के जवाब मांगे थे।