दिल्ली सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए काम करने वाले 42 वर्षीय संविदा डॉक्टर जावेद अली की कोरोना के कारण दुःखद मृत्यु हो गई है। आपको बता दे कि उन्हें 24 जून को कोरोना हुआ था और एम्स ट्रॉमा सेंटर में उन्होंने अपनी अंतिम साँसे ली।
वो अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे छोड़ गए है। वही परिवार के लोगों का आरोप है की निजी अस्पताल में प्रारंभिक उपचार का खर्च भी परिवार को वहन करना पड़ा और उन्हें की सरकार की मदद प्राप्त नहीं हुई।
इस बारे में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि डॉ जावेद अली और तमाम डॉक्टर जान की बाजी लगाकर इस संकट के दौरान अपनी सेवाएं देते हैं।
डॉ जावेद के बारे में दुखद समाचार मिला। वो संविदा पर सेवाएं दे रहे थे। ये समय इन शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा होने का है। सरकार को डॉ जावेद के परिवार की हरसंभव मदद करनी चाहिए।
ज्ञात हो, डॉ. जावेद की पत्नी हीना कौसर हरियाणा के एक निजी अस्पताल में गॉयनोकोलॉजिस्ट के तौर पर काम करती हैं उनके बेटे की उम्र 6 साल जबकि बेटी की उम्र 12 साल है।