भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से जिस पुल के निर्माण को लेकर मतभेद बढ़ा था और जिसकी वजह से सोमवार को दोनों देशों के बीच खूनी झड़प हुई, उस महत्वपूर्ण पुल को अब भारतीय सेना के इंजीनियरों ने गुरूवार को पूर्ण कर लिया है।
सामरिक दृष्टि से भारत और भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण इस 60 मीटर वाले पुल के बनने से अब भारत कई मायनों में एलएसी में चीन के खिलाफ मजबूत और बेहतर स्थिति में पहुंच जाएगा।
गलवान-श्योक नदी के संगम के पूर्वी दिशा में तीन किलोमीटर दूर और पेट्रोलिंग पाॅइंट से दो किलोमीटर पीछे बने इस बेली ब्रिज ने भारत को इस स्थान पर मजबूती देने का काम किया है।
भारतीय सेना के फाॅर्मेशन इंजीनियर के द्वारा बनाए गए इस पुल निर्माण कार्य को रोकने के लिए चीनी सेना पीएलए लगातार प्रयास कर रही थी और पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में बढ़े तनाव का मुख्य कारण भी यही पुल था।