डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जैसे ही बजट भाषण पढ़ना शुरू किया, विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए विपक्षी सदस्यों को शांत रहने की नसीहत दी और कहा कि बजट पर विस्तार से चर्चा करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। बजट भाषण के दौरान देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से देश का दूसरा सबसे बड़ा और जनसंख्या के आधार पर पांचवां सबसे बड़ा राज्य है।
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना।
देश का पहला रोलिंग बजट पेश करने वाला राज्य मप्र
नवाचार के तहत रोलिंग बजट को शामिल किया गया है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने रोलिंग बजट पेश किया है। इसमें वर्ष 2027 और 2028 के बजट का संक्षिप्त विवरण भी शामिल है।
इस प्रणाली में हर साल या तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट को लगातार अपडेट किया जाता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है और आगे के वर्ष जोड़े जाते रहते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि सरकार ने 2026-27, 2027-28 और 2028-29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027-28 आते ही 2026-27 की अवधि बजट से हट जाएगी और उसकी जगह नया वर्ष 2029-30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार और अद्यतन रहता है।
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर हाथ को काम, हर युवा को रोजगार मिलेगा। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है।
वर्ष 2047 तक प्रदेश को दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। साथ ही, वर्ष 2047 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 35 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मंत्री देवड़ा ने कहा कि जो कहा सो किया। हमारी सरकार के लिए बजट संवैधानिक दायित्वों के साथ कथनी करनी का वादा भी है। पिछले बजट भाषण के ये काम हो चुके हैं।21,630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है। ग्राम विकास पर केंद्रीय मुख्यमंत्री वृंदावन योजना शुरू की जा चुकी है। अहिल्या बाई कौशल विकास योजना शुरू की जा चुकी है।
मंत्री देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश धान उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है। तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादन वाला प्रदेश है।
तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से किसानों को एक लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक 6 लाख 70 हजार किसानों को लाभ दिया जा चुका है।
3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।
बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। 7 लाख 95 हजार स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता राशि का प्रावधान। उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी। राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।