अमेठी: वरासत के एक मामले में शुक्रवार को अमेठी की तिलोई तहसील में लेखपाल और वकील के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों से कई लोग इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते ये विवाद बड़े संघर्ष में तब्दील हो गया। तहसील में मौजूद एसडीएम महात्मा सिंह और तहसीलदार भी विवाद को रोक नहीं सकेे। सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हो सकी, इसके बाद दोनों ही पक्षों ने मोहनगंज थाने में अपनी-अपनी शिकायत दर्ज करवाई।
शुक्रवार को वरासत को लेकर वकीलों और लेखपालों के बीच विवाद ने विकराल रुप धारण कर लिया। पुलिस प्रशासन के सामने ही वकीलों और लेखपालों में जमकर हंगामा हुआ और ईंट-पत्थर तक चले, इस मारपीट में दोनों पक्षों से लगभग आधा दर्जन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। 3 अधिवक्ताओं ने पुलिस को दी गई तहरीर में तहसीलदार समेत आधा दर्जन लेखपालों को नामजद किया, वहीं लेखपालों ने भी 5 वकीलों को नामजद कर पुलिस को अपनी तहरीर दी हैं।
दरअसल तिलोई तहसील के वकील मनोज कुमार तिवारी और लेखपाल वेद प्रकाश यादव के बीच वरासत के एक मामले को लेकर मामूली बात पर कहासुनी हो गई। ये कहासुनी देखते ही देखते मारपीट और गालीगलौज में तब्दील हो गई। विवाद की सूचना फैलने पर बड़ी संख्या लेखपाल और वकील मौके पर पहुंच गए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के कारण विवाद ने गंभीर रुख अख्तियार कर लिया. दोनों पक्ष एक दूसरे पर आक्रामक हो गए. इसकी खबर मिलने पर तहसीलदार पवन कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की लेकिन वो नाकामयाब रहे।
विवाद बढ़ता देख तिलोई उपजिलाधिकारी महात्मा सिंह ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी के बाद मोहनगंज पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची जरूर लेकिन दोनों पक्षों के उग्र रूप देख कर बैकफुट पर नजर आई, इसके बाद क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने तहसील को छावनी में तब्दील कर दिया और दोनों पक्षो को अलग-अलग कर संघर्ष नियंत्रण में किया।
तहसील में हुए वकील और लेखपाल के विवाद में दोनों पक्षो ने एक दूसरे के खिलाफ अपनी तहरीर दी है. लेखपाल वेद प्रकाश यादव ने 5 वकील के साथ अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी,दूसरी तरफ से ओर से 3 वकीलों में पवन शुक्ला, मनोज तिवारी एवं धर्मेन्द्र प्रताप ने तहसीलदार समेत 6 लेखपालों के खिलाफ अपनी तहरीर दी हैं। मोहनगंज कोतवाली पुलिस ने लेखपालों की तहरीर पर 4-5 नामजद वकीलों और अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया हैं।
लेखपालों और वकीलों के बीच विवाद के बाद मारपीट होता देखकर चारों तरफ भगदड़ सी मच गई. तिलोई तहसील में काम के सिलसिले में वकीलो या अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलने आए। फरियादी भी भाग खड़े हुए, देखते ही देखते तहसील परिसर में सन्नाटा छा गया। तहसील भवन में जहां लेखपालों का जमावड़ा रहा वहीं वकील भी अपने चैम्बरों में जमे रहे।
वरासत के मामले को लेकर वकील और लेखपालों के बीच विवाद और मारपीट के समय उपजिलाधिकारी महात्मा सिंह भी तहसील परिसर में ही मौजूद रहे। उन्होंने कहा विवाद की जानकारी होने के बाद मैंने विवाद को शांत करने का प्रयास किया और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल मंगवा लिया। क्षेत्राधिकारी तिलोई के नेतृत्व में मोहनगंज के साथ ही शिवरतनगंज, कमरौली, जायस और फुरसतगंज की पुलिस ने परिसर को घेर कर उसे छावनी में तब्दील कर दिया. एसडीएम महात्मा सिंह ने विवाद को अफ़सोस जनक बताते हुए दोनो पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
लेखपाल और वकीलों के विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने तिलोई तहसील परिसर में हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वायरल वीडियो में पुलिस वाले लाठियां लेकर भीड़ को दौड़ आते हुए नजर आ रहे हैं।