रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत तेजी से काम करते हुए वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे के लिए वैक्सीन तैयार कर भारत में वैक्शीनेशन शुरु कर दिया है। इतना ही नहीं भारत ने अपने पड़ोसी देशों को भी इस महामारी के खात्मे के लिए वैक्सीन भेज रही है। भारत इस समय कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुनियां का सहारा बनकर उभरा है। जिसपर अमेरिका ने भी भारत की तारीफ की है।
आपको बता दें कि भारत पिछले दिनों अपने पड़ोसी देशो के लिए कोरोना वैक्सीन की पहली खेप भेजी है। भारत जिन पड़ोसी देशो के लिए कोरोना वैक्सीन की पहली खेप सौगात के रुप में भेजी है। उन देशो में भूटान, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, म्यामार, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे देश शामिल हैं। वहीं सऊदी अरब दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और मोरक्को को ये टीके व्यावसायिक आपूर्ति के रूप में भेजा है।
भारत के इस कदम की तारीफ करते हुए अमेरिका के विदेश विभागर के दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो ने ट्वीट कर भारत की सराहना की है। ट्वीटर के माध्यम से उन्होने कहा कि “वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की भूमिका की सराहना करते हैं, जिसने दक्षिण एशिया में कोविड-19 की लाखों खुराकें दीं। भारत ने टीकों की नि:शुल्क खेप भेजने की शुरुआत मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल से की तथा अन्य देशों की भी इसी प्रकार मदद की जाएगी।” उन्होने आगे लिखा कि “भारत एक सच्चा मित्र है जो अपने दवा क्षेत्र का उपयोग वैश्विक समुदाय की मदद करने में कर रहा है।’ भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है और विश्व भर में बनने वाले टीकों में से 60 फीसदी यहां बनते हैं”।
जिसके बाद अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कोविड से लड़ाई में वैश्विक समुदाय की मदद के लिए भारत के प्रयासों की तारीफ करने पर विदेश विभाग का आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सामने रखते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया, ”वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में लंबे समय से भरोसेमंद साझेदार बनकर भारत बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा है”।
कोरोना महामारी की लड़ाई में भारत के इस सफलतम प्रयास के कारण दुनिय़ां के देश भारत का आभार जता रहें हैं।