गाजियाबाद- किसान आंदोलन को समर्थन करने पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज से आहत संगठन के प्रवक्ता सतपाल चौधरी ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि विधायकों का विरोध करना क्या अपराध है? खेती विधायकों से किसान के साथ मजदूर और आम नागरिक भी बर्बाद हो जाएंगे।
इसलिए भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर ने किसानों का साथ देने का फैसला लिया। किसान संगठनों ने चंद्रशेखर को सहयोग करने की अपील की। लेकिन जैसे ही यूपी गेट पर भीम आर्मी के हजारों कार्यकर्ता खेती कानून के खिलाफ किसान आंदोलन में पहुंचे, तो पुलिस प्रशासन और भाजपा के लोग खुद को किसान बताकर भीम आर्मी के समर्थन का विरोध करने लगे।
उन्हीं के इशारों पर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कराया गया। 4 साथी गंभीर रूप से घायल हुए 7 लोगों को गिरफ्तार करके डिटेल करने के बजाए मुकदमा लिख दिया गया।
चौधरी ने बताया कि डिटेन करने तक तो ठीक भी था। लेकिन लाठीचार्ज करना और फिर मुकदमा लिख ना यह भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के प्रति दुर्भावना को दर्शाता है।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सतपाल चौधरी ने किसानों को लेकर एक बात और कही है कि अगर हमें किसानों के लिए जेल भी जाना पड़े तो हम दोबारा जेल भी जाएंगे। लेकिन किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।