{ बॉबी ठाकुर की रिपोर्ट }
उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज में अक्षय तृतीया पर्व पर सराफा बाजार को करोडों रूपये का नुकसान हो गया। इस दिन सोना चांदी खरीद कर घर लाना शुभ माना जाता है, परंतु कोरोना वायरस के चलते लागू लाँक डाउन सराफा व्यापारी और खरीदारों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
बैसाख महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इस बार ये पर्व रविवार को पड़ा । अक्षय तृतीया को गर्मी की धनतेरस भी कहा जाता है।
इसदिन सोने को खरीदना शुभ माना जाता है। पिछले वर्ष तक इस दिन लोगों में सोना खरीदने की होड़ रहती थी पर इस बार कोरोना ने सोने की चमक को नतमस्तक कर दिया।
लॉकडाउन में लोग घरों में रहने को विवश हैं। मान्यता है अक्षय तृतीया को हिन्दू धर्म में अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन सौभाग्य और शुभ फल का कभी क्षय नहीं होता।
यानी कि इस दिन जो भी काम किया जाए उसका फल कई गुना मिलता है और वह कभी घटता भी नहीं है।यही कारण है कि लोग.इस दिन सोना खरीदते है।
सराफा जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल की माने तो कोरोना वायरस के चलते लाँक डाउन से इस वर्ष सराफाओं को खासा नुकसान हुआ है।अक्षय तृतीया पर्व पर कासगंज जनपद में साढे तीन करोड रूपये के सोने की विक्री होती थी, परंतु कोरोना ने इस बार सोने की चमक को भी फीका कर दिया।