राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार की सुबह हवा की गुणवत्ता का स्तर (AQI) सबसे खराब द्वारका सेक्टर 8 में 370 ‘बेहद खराब’ कैटगरी में दर्ज किया गया, वहीं सबसे सही लोधी रोड 176 ‘मध्यम’ कैटगरी में दर्ज किया गया। शहर के अन्य कई जगहों पर भी हवा की गुणवत्ता का स्तर ‘मध्यम’ कैटगरी से लेकर ‘बेहद खराब’ कैटगरी में रहा।
आनंद विहार- 333 ,रोहिणी – 341, विवेक विहार- 322 सोनिया विहार- 307 वज़ीरपुर- 353 में हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ रही वही ‘आरके पुरम- 267 हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ कैटगरी में रहा।
गौरतलब है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच को ‘खराब’, 301 और 400 के बीच को ‘बेहद खराब’ तथा 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।
दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में हर साल ठंड की दस्तक के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगती है। इसके लिए कई कारकों को ज़िम्मेदार ठहाराय जाता रहा है, जिसमें सबसे बड़ा कारक पड़ोसी राज्यों में पराली का जलना है।
इसके अलावा दिवाली पर भी AQI बिगड़ता है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिवाली के बाद दिल्ली की हवा और भी ज्यादा खराब हो सकती है। पटाख़े जलाने और आतिशबाजी करने से भी हवा की गुणवत्ता पर असर करता है, इसलिए कई राज्यों की सरकार ने पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। जो दूकानदार पटाखों की बिक्री करते हुए पाया जायेगा उसको 10,000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
अभी तक सर्विस उद्योग मास्टर प्लान में आफिस की श्रेणी में आते थे और केवल कमर्शियल एरिया में खुल सकते थे, जो काफी महंगे होते थे। इसलिए यह उद्योग नोएडा, फरीदाबाद या गुरुग्राम चले जा रहे थे।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को अपने मौजूदा उद्योग को बंद करके हाईटेक या सर्विस इंडस्ट्री लगाने के लिए मौका दिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह निर्णय दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बहुत ही अहम कदम साबित होगा।”
दिल्ली के सर्विस और हाईटेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उद्योग लगाने के लिए अब उत्तर प्रदेश या हरियाणा के शहरों में जाने की जरूरत नहीं है। अब उन्हें दिल्ली में ही काफी सस्ती दर पर ज्यादा जगह मिलेगी। दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में बदलाव के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है।