नई दिल्ली। दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर कारोबारी संगठनों ने चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) से जुड़े कारोबारियों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली स्थगित करने या उसकी तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है और ऐसे समय में बड़े आयोजन से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
कारोबारी संगठन के मुताबिक, दीपावली के आसपास बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित होने से आसपास के इलाकों में यातायात, ग्राहकों की आवाजाही और दुकानों तक पहुंच प्रभावित होने की आशंका है। कारोबारियों ने राहुल गांधी से अनुरोध किया है कि व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए महारैली के कार्यक्रम पर पुनर्विचार किया जाए।
रामलीला मैदान के आसपास दिल्ली के कई प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। कारोबारियों का कहना है कि रैली के दौरान यातायात प्रतिबंध, बैरिकेडिंग और सड़क मार्गों में बदलाव से दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो सकती है। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

CTI का अनुमान है कि महारैली के कारण दिल्ली में करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। संगठन ने चिंता जताई है कि त्योहारों के दौरान व्यापार में किसी भी तरह की बाधा से दुकानदारों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा कारोबारी संगठन का अनुमान है।
कारोबारी संगठन ने कांग्रेस नेतृत्व से प्रस्तावित महारैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने का आग्रह किया है, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में कारोबार सामान्य रूप से चल सके। कारोबारियों का मानना है कि तारीख में बदलाव से व्यापारियों और आम लोगों को होने वाली संभावित परेशानी कम की जा सकती है। फिलहाल, इस अपील पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से रैली स्थगित करने या तारीख बदलने के संबंध में किसी निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।