Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की पाटी तहसील में जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में आदिवासी किसान-मजदूरों ने SIR, सूखे और मजदूरी भुगतान की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। बता दें 23 अक्टूबर को जंतर-मंतर के राष्ट्रीय आह्वान के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन में लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपनी मांगें उठाईं। जिसमें प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मतदाता लिस्ट में कथित तौर पर काटे गए नामों को दोबारा जोड़ने और किसानों को राहत देने की मांग की है। ऐसे में आइये यहां जानें खबर को लेकर विशेष जानकारी
मिली जानकारी के मुताबिक, संगठन ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई आदिवासियों के नाम गलत तरीके से मतदाता लिस्ट से हटाए गए हैं। जिसमें प्रदर्शनकारियों का कहना है कुछ जीवित लोगों को मृत दिखाया गया, जबकि मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में गए लोगों के नाम भी काट दिए गए। साथ ही, संगठन ने दावा किया है कि बड़वानी जिले में करीब 65 हजार और देशभर में 13 करोड़ नाम काटे गए हैं। ऐसे में इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संगठन ने काटे गए नामों की जांच कर उन्हें वापस जोड़ने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने क्षेत्र में कम बारिश के कारण पैदा हुए संकट का मुद्दा भी उठाया। जिसमें प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस साल सामान्य से कम बारिश होने के कारण कुएं और नाले सूख रहे हैं। जलस्तर नीचे जाने, चारे-पानी की कमी और फसल प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। संगठन ने क्षेत्र में सूखे का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।
संगठन ने JIRAM पोर्टल और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में आ रही समस्याओं को दूर करने की मांग की है। ज्ञापन में रुका हुआ भुगतान तत्काल जारी करने, सर्वर की गड़बड़ी ठीक करने और 15 दिन से अधिक देरी होने पर ब्याज सहित मजदूरी देने की मांग उठाई गई है। साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम बहाल करने, सूखे की समस्या का समाधान करने और मजदूरों का बकाया भुगतान मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।