रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: तालिबान के आतंक से लगातार कराह रही अफगानिस्तान की धरती पर डर और हिंसा से लोग जल्द से जल्द देश छोड़ने के लिए परेशान हैं। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने क्रिकेट बोर्ड के दफ्तर को भी कब्जे में ले लिया है। गुरुवार को तालिबानी आंतकी काबुल में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हेड ऑफिस में घुस गए।
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें तालिबान के आतंकी एके-47 लेकर क्रिकेट बोर्ड के दफ्तर में घुसे हैं। खास बात यह है कि आतंकियों के साथ पूर्व स्पिनर अब्दुल्लाह मजारी भी है। अब्दुल्लाह मजारी बाएं हाथ के स्पिनर हैं, और उन्होंने अफगानिस्तान के लिए 2 वनडे मैच भी खेले हैं।
अब्दुल्लाह मजारी 21 फर्स्ट क्लास मैच, 16 लिस्ट ए और 13 टी20 मुकाबले भी खेल चुका है। इसके साथ ही अब्दुल्लाह मजारी काबुल ईगल्स का खिलाड़ी रह चुका है जो शपागीजा टी20 लीग की टीम है। राशिद खान भी अब्दुल्लाह मजारी के साथ काबुल ईगल्स के लिए मैच खेल चुके हैं।
आपको बता दें कि तालिबान के कब्जे के बाद अब उसकी क्रिकेट टीम का भविष्य भी संकट में पड़ गया है। इस टीम ने बहुत ज्यादा मेहनत कर टेस्ट टीम का रुतबा हासिल किया है और राशिद खान और मुजीब जैसे स्पिनर पूरी दुनिया में अपनी फिरकी की धमक दिखा चुके हैं लेकिन अब तालिबान के सत्ता में आने से अफगानी क्रिकेट टीम का क्या होगा कोई नहीं जानता।
तालिबान महिलाओं की आजादी के खिलाफ है और अब अफगानिस्तान में उसकी सत्ता आते ही इस मुल्क की महिला क्रिकेट टीम का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। पिछले साल ही अफगानिस्तान ने 25 महिला खिलाड़ियों को पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया था। अगर अफगानिस्तान की महिला टीम तालिबान की वजह से टूटती है तो ये देश आईसीसी का पूर्ण सदस्य नहीं रह पाएगा क्योंकि इसके लिए आपकी दोनों टीमें होनी जरूरी हैं।
मौजूदा वक्त में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अहम खिलाड़ी इंग्लैंड में द हंड्रेड टूर्नामेंट खेल रहे थे और अब वो यूएई में आईपीएल में भी खेलते दिखेंगे लेकिन इन खिलाड़ियों को अपने परिवार की चिंता सता रही है।