पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव और ज्याद बढ़ गया हैं। सोमवार रात को गलवान घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान दोनों तरफ से हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत तीन जवान शहीद हो गए। 50 सालों में यह पहली बार हुआ जब एलएसी पर भारतीय जवान शहीद हुए है।
साल 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था। इसके बाद दोनों देशों की ओर से आखिरी गोलीबारी 1967 में हुई थी, लेकिन इसके 8 साल बाद भी चीन ने घात लगाकर हमला किया था। साल 1975 के इस हमले में चार भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। तब भारत सरकार ने कहा था कि चीन ने सीमा पार की है लेकिन हरबार की तरह चीन ने इससे इनकार किया था।
गलवान घाटी उन क्षेत्रों में से एक है जहां चीनी सेना ने घुसपैठ की थी। दोनों देशों के बीच कइ दौर की बातचीत के बाद चीनी सेना कुछ स्थानों से पीछे हटनी शुरू हो गई थी। लेकिन हाल ही में हुई घटना के बाद सीमा विवाद के और बढ़ने की संभावना है।