रिपोर्ट: नंदनी तोदी
लखनऊ: भारत में हर रोज़ 400 से अधिक सड़क हादसे में लोग अपनी जान गंवा देतें हैं। यहां तक की सख्त कानूनों होने के बावजूद लोग सड़क सुरक्षा को हल्के में लेते हैं। इसी विषय में उत्तर प्रदेश में ‘सड़क सुरक्षा माह’ का शुभारम्भ हुआ है।
सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली हानि को रोकने के लिए एक महीने तक इस अभियान को पूरे उत्तरप्रदेश में चलाया जाएगा। बता दें, इस अभियान में परिवहन और गृह विभाग अधिक महत्वपूर्ण माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर इस अभियान का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सड़क सुरक्षा माह’ का शुभारंभ एवं ₹55.70 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास…अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। सड़क पर यातायात नियमों का पालन करें।
'सड़क सुरक्षा माह' का शुभारंभ एवं ₹55.70 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास…अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। सड़क पर यातायात नियमों का पालन करें। https://t.co/J6PxivqjYd
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 21, 2021
इस मौके पर योगी ने कहा कि, बीते 3 साल में हमने घटनाएं रोकने के लिए बहुत सी सावधानी बरती है और प्रयास किए हैं। जिससे घटनाएं रुकी और कम भी हुई हैं। योगी ने कहा कि परिवहन निगम व अन्य विभाग के अधिकारी पहले सप्ताह जागरूकता अभियान चलाएं उसके बाद नियमों का कड़ाई से पालन न करने के लिए चालान करें
मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि, सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्वागत और अभिनन्दन सभी संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद देता हूँ। सड़क सुरक्षा हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है, इससे इसी से पता चलता है कि सड़क दुर्घटना की इतनी घटनाएं होती हैं, मौतें रोकी जा सकती हैं। बस थोड़ी सी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
बता दें, इस अभियान की तैयारी मंगलवार से ही हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास में कहा था कि, इस अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में व्यापक जन-जागरूकता के कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे।
योगी ने कहा कि 20 फरवरी तक हर जिले में अनवरत प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमे परिवहन, स्वास्थ्य,स्कूल कॉलेज सभी शामिल होंगे, इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम करना होंगे, सड़क दुर्घटनाओं के लिए जो कारक हैं। उन्होंने पिछले कई सालों के आंकड़ों की भी तुलना की और कहा की अभी और काम करना है । इसके लिए सड़क निर्माण से जुड़ी संस्थाएं हैं। चाहे लोक निर्माण विभाग या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हों सभी को इस के कारण चिन्हित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने सबके साथ शपथ ली जैसे हेलेट पहनना अनिवार्य है, शराब पीकर गाडी ना चलना, कार चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाना, वाहन चलाते समय कभी मोबाइल फोन पर बात नही करना , तथा न कोई मैसेज भेजना और न ही देखना, हमेशा ट्रैफिक नियमो का पालन करना, और अपने परिजनों से पालन करवाना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करना हेतु सदैव तत्तपर रहना।