योगी सरकार का वरासत अभियान क्या है, पढ़े
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भूमि विवादों के समाधान के लिए 15 दिसंबर से योगी सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया। सरकार ने दावा किया है कि इस विशेष वरासत अभियान में आठ दिनों में ही 1,35,686 आवेदन राजस्व विभाग को प्राप्त हुए हैं।
इस अभियान के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के भी जिलाधिकारियों को विशेष वरासत अभियान में प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि राजस्व ग्राम समिति की बैठक के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि इस अभियान में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के विशेष वरासत अभियान के प्रचार प्रचार का कार्य तेज कर दिया है और लेखपाल तथा विभाग के अन्य अधिकारी गांव-गांव पहुंच कर लोगों से आवेदन लेने लगे हैं। अब तक प्रदेश के 1,08,920 राजस्व ग्रामों में से 51,804 राजस्व ग्रामों में जाकर राजस्व अधिकारियों लोगों की खतौनियां पढ़ी हैं और इस दौरान कुल 1,35,686 आवेदन प्राप्त किए गए।
गौरतलब है कि राज्य में वरासत संबंधी विवादों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए गत 15 दिसम्बर से 15 फरवरी, 2021 तक पांच चरणों में चलाए जाने जा रहे विशेष वरासत अभियान को सरकार बहुत महत्व दे रही है। सरकार चाहती है कि वर्षों से लंबित वरासत संबंधी एक भी प्रकरण शेष ना रहे।
इसी सोच के तहत 15 दिसंबर से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तथा ब्लाकों में विशेष वरासत अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को वरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधाएं दी गई हैं। जिनकी जमीन गांवों में है लेकिन वह कहीं और रह रहे हैं उनके लिए हर तहसील स्तर पर एक काउंटर भी खोला गया है।
अभियान के तहत लोग ज्यादा से ज्यादा आवेदन करें, इसके तहत हेल्पलाइन नम्बर तथा ई-मेल आईडी की व्यवस्था की गई है। हर आवेदक राजस्व परिषद की हेल्पलाइन तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर विशेष वरासत अभियान के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सके, इसकी भी व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही विशेष वरासत अभियान में 15 से 30 दिसम्बर, 2020 तक आवेदन प्राप्त करने की अवधि निर्धारित की गई है। 31 दिसम्बर, 2020 से 15 जनवरी, 2021 तक सम्बन्धित लेखपाल द्वारा प्राप्त किए गए प्रकरणों पर जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत की जाएगी। 16 से 31 जनवरी, 2021 तक राजस्व निरीक्षक द्वारा ग्राम राजस्व समिति की खुली बैठकों का आयोजन कर आदेश पारित करना प्राविधानित किया गया है।