संसद में शिवराज सिंह ने कहा कि हमारा संकल्प है गरीबों का कल्याण और इसमें उसी संकल्प को पूरा करने का हमने प्रयत्न किया है। न केवल गरीबों का कल्याण बल्कि उसके साथ गांवों का संपूर्ण विकास, जो महात्मा गांधी भी कहते थे- एक संपूर्ण गांव, एक स्वावलंबी गांव, एक विकसित गांव का निर्माण। इसका प्रावधान इसमें किया गया है और केवल प्रावधान ही नहीं, केंद्र सरकार इस पर 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अभी खर्च करने का काम करेगी, यह हमने तय किया है।
सबको साथ लेकर चलना हमारा संकल्प
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इसके पहले रोजगार की कई योजनाएं आई। एक योजना का नाम था- जवाहर रोजगार योजना। बाद में कांग्रेस ने ही जवाहर रोजगार योजना का नाम बदल दिया तो क्या पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का अपमान हो गया? शिवराज सिंह ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए कई बार बजट का असमान वितरण होता है, कई पंचायतें विकास में पीछे रह जाती है, इसलिए इसमें पंचायत का ग्रेडेशन करके, जो अविकसित पंचायत है, कम विकसित पंचायत है, उन्हें ज्यादा काम देने का प्रावधान भी किया है।
जो सबसे पीछे उसपर ध्यान दें
शिवराज सिंह बोले- महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं और महात्मा गांधी जी का, पंडित दीनदयाल जी का ये संकल्प था कि जो सबसे पीछे हैं, जो सबसे नीचे हैं, उनका कल्याण सबसे पहले किया जाए और हम महात्मा गांधी जी की भी मानते हैं और उन्हीं के विचारों पर आधारित, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर आधारित गरीब कल्याण की कई योजनाएं ये सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चला रही है।
हमारी गारंटी मतलब गारंटी की गारंटी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक मनरेगा का सवाल है कांग्रेस और यूपीए तो केवल मनरेगा लेकर आई थी, 2 लाख 13 हजार 220 करोड़ रु. यूपीए सरकार ने मनरेगा पर खर्च किए थे, जबकि हमने 8 लाख 53 हजार 810 करोड़ रु. गरीब कल्याण पर खर्च किए और इस योजना को और मजबूत करने की कोशिश की है, आज भी तकलीफ क्या है, 100 दिन की गारंटी की बजाय हम 125 दिन की गारंटी दे रहे हैं, ये गारंटी कोरी नहीं है, बल्कि उसके लिए 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ से ज्यादा रु. की राशि का प्रावधान दिया गया है।
शिवराज सिंह ने कहा कि नया बिल गांवों का संपूर्ण विकास करेगा। उन्होंने कहा कि शरद पवार जी जब केंद्रीय कृषि मंत्री थे, तब उन्होंने ही कहा था कि कृषि कार्यों के लिए मज़दूर नहीं मिलते। हमने तो पवार जी की उस चिंता का भी समाधान करने का प्रयास किया है।
बापू हमारे दिलों में, महात्मा गांधी राम राज्य के पुजारी
शिवराज सिंह ने कहा कि बापू हमारे दिलों में बसते हैं, उनका हम पूरा सम्मान करते हैं, बापू ही कहते थे राम राज्य। राम हमारे रोम-रोम में रमे हैं, राम हमारी हर सांस में बसे हैं। बिना राम के यह देश नहीं जाना जाता। पता नहीं क्यों, VB-G-RAM-G नाम आ गया तो ये भड़क गए। महात्मा गांधी स्वयं राम राज्य स्थापना की बात करते थे, उनके अंतिम शब्द थे- हे राम। बापू जी का पूरा सम्मान करते राम राज की स्थापना मतलब दैहिक, दैविक, भौतिक तापा-राम राज का हूं नहीं व्यापा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हर गरीब को भरपूर रोजगार मिले, उसकी गरिमा का सम्मान हो, दिव्यांग, बुज़ुर्ग और महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति, उनको और प्रोटेक्शन दिया जाए, इसके लिए यह बिल लेकर आए हैं। गांव का संपूर्ण विकास करेंगे और कृषि व मजदूरी दोनों में संतुलन स्थापित करने का काम करेंगे। शिवराज सिंह ने कहा कि यह पूरा बिल गांधी जी की भावनाओं के अनुरूप है, राम राज्य की स्थापना के लिए है।