Uttrakhand News: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर मैदानी भागों में भी दिखाई दे रहा है। अधिक बारिश के कारण हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा और उसकी सहायक नदियां ऊफान पर आ गई है, जिसके कारण गंगा घाट और तट जलमग्न हो गए हैं।
वहीं दूसरी ओर खानपुर के शाहपुर गांव में पानी उफान पर आने से गांव में बाढ़ आने का डर लोगों में बैठ गया है। जिसके चलते जंगल में अपनी जमीन पर रखवाली कर रहे लोगों को पलायन करने के लिए कहा जा रहा है।
गंगा नदी चेतावनी रेखा पर
दरअसल, अब गंगा नदी चेतावनी रेखा 339.50 से 15 सेमी 339.65 मीटर ऊपर बह रही थी। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों को अलर्ट कर दिया है।
गंगा घाटों और तटों पर जल पुलिस के कर्मचारी तैनात किए गए। वहीं दूसरी ओर तटीय इलाकों में रहने वालों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई।
स्थानीय लोगों को है बाढ़ का खतरा
वहीं दूसरी ओर गंगा का बढ़ता जल ग्रामीण लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बनाता जा रहा है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के कारण किसानों के चहरे तो खिल गए है, परंतु क्षेत्रों की सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है।
जहां खतरे का निशान 294 मीटर का होता है वहीं हाल ही में गंगा का जल स्तर 292. 07 दर्ज किया गया है,जिससे लोगों को अपने इलाकों में बाढ़ का खतरा साफ-साफ नजर आ रहा है।
प्रशासन की ओर से किया गया अलर्ट
प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर बताया गया कि अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान में, रुद्रप्रयाग संगम पर 2800-3000 क्यूमेक्स का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। अनुमान है कि यदि नदियों का जलस्तर इसी प्रकार का रहा तो यह श्रीनगर बांध को भी पार कर सकता है।
This post is written by PRIYA TOMAR