गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए यूपीडा ने गोरखपुर, अम्बेडकर नगर एवं आजमगढ़ जिले को 274.88 करोड़ की कुल धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। इस धनराशि में गोरखपुर के लिए 70 करोड़, अम्बेडकरनगर के लिए 152.88 करोड़ एवं आजमगढ़ के लिए 52 करोड़ शामिल हैं। इसके साथ ही इन सभी जिलों में किसानों से एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीन का भुगतान एक माह में करने का निर्देश दिया गया है।
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने इस धनराशि को गोरखपुर, अम्बेडकरनगर एवं आजमगढ़ के जिलाधिकारियों को सौंपते हुए निर्देशित किया है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए इन जिलों के किसानों से ली गई जमीन का भुगतान एक माह के भीतर करना सुनिश्चित करें। ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में भी कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।
तेजी से हो रहा निर्माण : गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। परियोजना को क्रियान्वयन के लिए दो पैकेजों में बांटा है। पैकेज एक का निर्माण 10 फरवरी 2020 से एवं पैकेज-2 का निर्माण कार्य 19 जून 2020 से प्रारम्भ है। 10 सितंबर तक 67.97 प्रतिशत क्लीयरिंग एण्ड ग्रबिंग एवं 13.22 प्रतिशत मिट्टी का काम पूरा हो चुका है।
91 किलोमीटर लम्बा है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेस-वे जनपद गोरखपुर में गोरखपुर बाईपास एनएच-27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारम्भ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर जनपद आजमगढ़ में समाप्त होगा। एक्सप्रेस-वे की लम्बाई 91.352 किमी है। इस एक्सप्रेस-वे से जनपद गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ लाभान्वित होंगे। यह एक्सप्रेस-वे चार लेन चौड़ा (छह लेन तक विस्तारणीय) और संरचनाएं छह लेन चौड़ाई की बनाई जाएंगी। इस लिंक मार्ग से गोरखपुर क्षेत्र भी प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सीधे जुड़ जाएगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडार ग्रह, कृषि मण्डी, दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक का काम करेगा। इस एक्सप्रेस-वे पर दो टोल प्लाजा, तीन रैम्प प्लाजा, सात फ्लाईओवर, 16 व्हेकुलर अण्डरपास, 50 लाइट व्हेकुलर अण्डरपास, 35 पेडेस्ट्रियन अण्डरपास, 7 दीर्घ सेतु एवं 27 लघु सेतु और 389 पुलिया का निर्माण किया जा रहा है।