उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। योगी सरकार ने इसे अपनी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि यह चयन प्रक्रिया जनवरी 2020 तक पूरी की जानी थी लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मामले को ले जाकर कुछ लोगों ने इसे उलझा दिया।
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 36,590 चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास पर पांच ऐसे शिक्षकों को सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र दिया।
शनिवार को ही योगी सरकार ने मिशन रोजगार शुरू किया है जिसके तहत 50 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के प्रति उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और इसे आगे इसी तरह जारी रखना जाएगा। इससे पहले 16 अक्टूबर, 2020 को 31,227 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे।
फिर 23 अक्टूबर, 2020 को माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 3,317 नवचयनित सहायक अध्यापकों को पदस्थापन एवं नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्ति शिक्षकों को बधाई देते हुए उनसे संवाद भी किया। सीएम ने कहा कि शिक्षा ही ऐसी चीज है जो जीवनभर व्यक्ति का साथ देती है इसलिए शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी है, उनको समझना होगा।
कहा को कोविड काल में स्कूल बंद हैं तो ऐसे में शिक्षक अभिभावकों और बच्चों के साथ संवाद स्थापित करें और स्कूल की तरफ जाया करें। यह भी कहा कि अपने काम को घंटों में गिनकर न करें, परिषदीय स्कूलों को आदर्श स्कूल बनाने के लिए मेहनत करें।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों ने सिलेबस को आसान बनाने, रुचिकर तरीके से बच्चों को पढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने की अपील की। उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षकों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रतियां उपलब्ध कराएं।
सीएम ने बेसिक शिक्षा कार्यालयों का कायाकल्प करने और वहां स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।