कौशांबी जनपद के एक गांव में सोमवार को होने वाली शादी का मंडप तब सूना रह गया। जब बारात आने के पहले दुल्हन के चाचा को पता चला कि दूल्हे को छत्तीसगढ़ की पुलिस ढूंढ रही है और वह फरार है। उसके खिलाफ छत्तीगसढ़ की एक युवती ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है।
ऐसे में दुल्हन ने दुष्कर्म के आरोपी लड़के से शादी करने से इनकार कर दिया। साथ ही दुल्हन के चाचा ने करारी थाने में दूल्हा पक्ष के खिलाफ धोखेबाजी का मुकदमा दर्ज कराया है।
चरवा थाना क्षेत्र के अयोध्या का पूरा निवासी इंद्रजीत यादव रिटायर्ड दारोगा हैं। उनका बेटा हरगेंद्र सिंह सीआरपीएफ में जवान है। उसकी तैनाती छत्तीसगढ़ में है। उसकी शादी करारी थाना क्षेत्र के एक गांव में तय की गई थी।
30 नवंबर को शादी होनी थी। दुल्हन पक्ष के लोग सोमवार शाम को बरातियों का इंतजार कर रहे थे। दुल्हन के चाचा के अनुसार बरात आने की लोकेशन पता करने के लिए उन्होंने दूल्हे के पिता को फोन किया। बातचीत में उन्हें बताया गया कि छत्तीसगढ़ के रायपुर की पुलिस दूल्हे को खोज रही है।
रायपुर की एक युवती ने उसके खिलाफ प्रेम प्रसंग में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। यह सुन वह दंग रह गए। शादी को लेकर घर में चल रही तैयारियां थम गईं। घर-मंडप में सन्नाटा छा गया। घर में जुटे नाते-रिश्तेदार भी स्तब्ध रह गए।
इसके बाद दुल्हन के चाचा ने दूल्हा समेत उसके पिता व अन्य लोगों के खिलाफ करारी में तहरीर देकर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। वहीं तीन दिन से रायपुर पुलिस भी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। इसी के चलते हरगेंद्र सिंह फरार है।
लड़की के चाचा जितेंद्र कुमार ने बताया कि लड़के पक्ष से पहले से ही पैसो की डिमांड को लेकर हम लोगो पर दबाव बनाया जा रहा था। तिलक में लड़के वालों ने लंबी रकम की मांग की थी।
काफी मनाने के बाद चार लाख नगद, बाइक गहने देने पर तिलक हुआ था। 30 नवम्बर को बारात आनी थी। लेकिन 29 तारीख को पता चला कि दूल्हे के ऊपर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हैं। हम लोगो ने चरवा थाने जा कर पता किया तो मामला सच निकला।