सेना के एक जवान ने शादी में दहेज ना लेकर लोगों को बड़ा संदेश दिया है। लखनऊ में तैनात विवेक कुमार ने शादी में शगुन के नाम पर सिर्फ एक रुपए और नारियल लिया। विवेक ने दहेज की कूप्रथा को समाप्त करने का बड़ा संदेश दिया।
विवेक तीन साल तक कारगिल में तैनात थे। विवेक ने युवाओं से इस बारे में पहल करने की अपील की है। दुल्हन प्रिया ने भी पति के उक्त कदम का स्वागत किया है।
विवेक कुमार सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव जुखेड़ी में रहते हैं।
विवेक के पिता का नाम संजय कुमार है। विवेक की शादी 30 नवंबर को शामली के गांव बीनडा में अरविंद कुमार पुत्र सतपाल सिंह चौहान की पुत्री प्रिया के साथ हुई। विवेक ने शादी में शगुन के नाम पर सिर्फ एक रुपए और नारियल लिया।
दूल्हे ने दुल्हन को ही दहेज बताया। विवेक की सगाई एक साल पहले हुई थी। इस दौरान भी विवेक ने तब भी मोटी धनराशि को नकारकर शगुन के रूप में एक रुपए ही लिया था।
विवेक की तीन साल तक कारगिल में तैनाती थी। पिछले 15 नवंबर को विवेक की नियुक्ति लखनऊ में हुई है। पिता संजय ने बेटे विवेक के दहेज न लेने के फैसले पर गर्व करते हुए उससे समाज के अभिशाप बन चुके दहेज प्रथा के खात्मे के लिए अन्य से प्रेरणा लेने की अपील की है। प्रधान चै. विनोद कुमार सहित अनेक लोगों ने विवेक के कदम को सराहा है।