रिपोर्ट – माया सिंह
न्यूयार्क : दुनियभर में शादी के संबंध में कई प्राचीन परंपराएं मौजूद हैं । उनमें से एक ऐसी मान्यता है ,जो हर जगह मानी जाती है , वो है खून का रिश्ता । ऐसा माना जाता है कि इंसान अपने खून के रिश्ते में शादी नहीं कर सकता । इसके पीछे का तर्क है कि वास्तविक रिश्ता कभी बदला नहीं जा सकता । लेकिन न्यूयार्क से शादी को लेकर एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है ,जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे । एक इंसान ने कोर्ट में अपने ही औलाद से शादी करने की इच्छा जाहिर की है । इसके बाद से यह चर्चा का विषय बना हुआ है और इनदिनों सोशल मीडिया पर जमकर लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि आखिर कोई इंसान ऐसा सोच भी कैसे सकता है ।
दरअसल , न्यूयार्क में एक इंसान ने लीगल अपील फाइल की है , जिसमें उसने अपने ही औलाद से शादी करने की बात कही है । इतना ही नहीं इस इंसान ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुये कहा कि वो पारिवारिक अनाचार को लेकर बने कानूनों को खत्म करना चाहता है क्योंकि शादी का फैसला किसी भी इंसान का अपना निजी फैसला है ।
रिपोर्ट के मुताबिक इंसान ने अपने पहचान का खुलासा नहीं किया है , क्योंकि वह अच्छी तरह से जानता है कि कोर्ट में उसकी अपील को नैतिक और सामाजिक तौर पर घृणास्पद माना जा सकता है । हालांकि यह साफतौर पर बताया है कि उसका संतान नाबालिग नहीं है ।
दिलचस्प बात यह है कि कोर्ट के कागज में इंसान और उसके बच्चे के जेंडर को गुप्त रखा गया है । इसके अलावा उसके असली पता का भी खुलासा नहीं किया गया है । इंसान ने बताया है कि काफी दिनों से अपने बच्चे को प्रपोज करना चाहता है लेकिन समाज के वजह से ऐसा नहीं कर पा रहा है । उसे डर है कि कहीं उसे इस समाज से निकाल न दिया जाये । वह किसी भी हालत में अपने बच्चे को मानसिक रूप से परेशान होते नहीं देखना चाहता ।
इस शख्स ने अप्रैल के पहले हफ्ते में मैनहेट्टन फेडरल कोर्ट में ये याचिका दायर की थी । साथ ही कहा था कि पेरेंट्स और उनकी संतानों की शादी से जुड़े कानूनों को असंवैधानिक घोषित कर दा चाहिए क्योंकि ऐसे मामले व्यक्तिगत स्वायत्तता से जुड़े होते हैं ।
इसके अलावा इंसान का कहना था कि शादी दो लोगों के बीच एक बेहद खास रिश्ता होता है और इसे इंटिमेसी और आध्यात्म की अभिव्यक्ति के तौर पर देखना ही सही है । बता दें कि न्यूयॉर्क के कानून में, अपनी ही फैमिली के लोगों के साथ शादी करने जैसे मामलों में चार साल की सजा सुनाने की प्रावधान है ।