छतरपुर: भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत केंद्रीय मंत्री ने वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, छात्र सम्मान समारोह और जन चौपाल कार्यक्रम में सहभागिता की।

हरपालपुर के लहचूरा रोड स्थित लक्ष्मीबाई पार्क में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत डॉ. वीरेंद्र कुमार ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने श्रमदान भी किया। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष अमित अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने हरिहर कुटी मंदिर परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने श्रमदान करते हुए परिसर की साफ-सफाई की और लोगों से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही आईआईटी-जेईई परीक्षा में 3320वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाशाली छात्रा को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है और उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ग्राम बोदी पहुंचे, जहां उन्होंने नीम के पेड़ के नीचे जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जन चौपाल में ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और अन्य स्थानीय समस्याओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा और जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता का संदेश दिया गया।