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विकास और सेवा के दो वर्ष: मत्स्य पालन को मिला नया आयाम

राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने गिनाईं मत्स्य विभाग की उपलब्धियां...

By: Abhinav Tiwari 
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विकास और सेवा के दो वर्ष: मत्स्य पालन को मिला नया आयाम

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने सरकार के विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भोपाल स्थित जनसंपर्क कार्यालय सभागार में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को केवल आजीविका तक सीमित न रखते हुए एक लाभकारी, संगठित और आधुनिक व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार के प्रयास लगातार सफल हो रहे हैं।

मंत्री पंवार ने बताया कि बीते दो वर्षों में मत्स्य उत्पादन, अधोसंरचना विकास, सहकारिता और मछुआ कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश का कुल मत्स्य उत्पादन बढ़कर 4.5 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। ग्रामीण तालाबों, सिंचाई जलाशयों और बड़े जलाशयों में उत्पादकता में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है।

हेचरी, बीज और योजनाओं से बढ़ी उत्पादन क्षमता

मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 120 हेचरी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 122.50 करोड़ रुपये की वित्तीय उपलब्धि हासिल की गई है, जबकि मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में 87 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि मछुआ समृद्धि योजना के तहत मछुआ परिवारों की आर्थिक मजबूती के लिए 0 प्रतिशत ब्याज पर किसान क्रेडिट कार्ड, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्मार्ट फिश पार्लर और बीज संवर्धन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

आदिवासी मछुआरों और सहकारिता को मिला बढ़ावा

धरती आबा योजना के अंतर्गत 393 आदिवासी मछुआरों को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से मोटरसाइकिल के साथ आइस बॉक्स वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 2,641 मत्स्य सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनसे जुड़े लगभग 99,951 सदस्यों को सहकारिता के माध्यम से सामूहिक लाभ प्राप्त हो रहा है।

किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक तकनीक का उपयोग

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1 लाख 16 हजार से अधिक कार्ड स्वीकृत किए गए हैं, जिससे मछुआरों को सस्ता और सुलभ ऋण उपलब्ध हो सका है। वहीं, इंदिरा सागर जलाशय में ड्रोन और जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू कर मत्स्य संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी शुरू किया गया है।

प्रशिक्षण, उद्यमिता और विजन 2047

मंत्री पंवार ने बताया कि प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के माध्यम से मछुआरों और मत्स्य कृषकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को मत्स्य उद्यमिता से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। विजन 2047 के तहत जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग और दीर्घकालिक, सतत मत्स्य विकास के लिए योजनाबद्ध रणनीति पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के मछुआ परिवारों की आय, रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा में वास्तविक और सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है, जो मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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