समाजवादी पार्टी में विलय का समय अब निकला – शिवपाल यादव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चाचा-भतीजे यानी शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के एक होने की संभावनाएं अब समाप्त होती जा रही हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ऑफर को रिजेक्ट करने के बाद अब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव सोमवार को पश्चिमी यूपी से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है।
कृषि कानूनों के विरोध और किसानों के समर्थन में शिवपाल मेरठ के सिवालखास के सिवाल हाईस्कूल मैदान में सोमवार जनसभा को संबोधित करने पहुँचे।
मेरठ के सिवाल खास में आयोजित 'किसान नौजवान महासम्मेलन' में उमड़े जनसैलाब का विहंगम दृश्य। pic.twitter.com/n3axyHLYQK
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) December 21, 2020
शिवपाल यादव को मेरठ में रैली की इजाजत काफी मशक्कत के बाद मिली थी। कोरोना संक्रमण और धारा 144 लागू होने के चलते जिला प्रशासन ने केवल 100 लोगों के साथ ही रैली करने की इजाजत दी।
मेरठ के सिवाल खास में आयोजित 'किसान नौजवान महासम्मेलन' में उमड़ा यह अपार जनसमूह सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध स्वयं में सिंहनाद है। pic.twitter.com/KLGApqcxtE
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) December 21, 2020
हालांकि, रैली में सैकड़ो से ज़्यादा लोगो ने हिस्सा लिया और जमकर कोरोना गाइडलाइन्स की धज्जियां उड़ाई। शिवपाल बड़ी रैली से अपने अभियान की शुरुआत कर चुके हैं , अपने संबोधन में उन्होंने अखिलेश के साथ विलय होने की अटकलों पर कहा कि वो समय निकल चुका है। अब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से जिसको एलायंस करना है वह आए।
वहीं शिवपाल ने गैर भाजपावाद का नारा दिया और सिवालखास पर अपना पहला उम्मीदवार अमित जानी के रूप में घोषित किया । शिवपाल किसानों के समर्थन में रैली करने आए थे ।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी यहीं से अपना मिशन-2022 की शुरुआत कर रही है। 23 दिसंबर को इटावा में पूर्व प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके बाद शिवपाल यादव 24 दिसंबर से यूपी के गांव-गांव की पदयात्रा पर निकलेंगे, जो पूरे राज्य में 6 महीने तक चलेगी। इसके लिए बाकायदा एक प्रचार रथ भी तैयार किया गया है, जिससे शिवपाल यादव यूपी भर की यात्रा करेंगे।