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इस महिला ने एक साथ 9 बच्चों को जन्म देकर तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड, डायपर बदलने और दूध को लेकर मां की जान खा जाते हैं मासूम

बच्चे की चाहत हर माता-पिता की होती है। बच्चे पैदा होने के बाद उसका लालन-पालन भी कोई साधारण काम नहीं होता है। नवजात बच्चों को दूध पिलाने से लेकर डायपर बदलने तक एक मां के पसीने छूट जाते हैं।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: बच्चे की चाहत हर माता-पिता की होती है। बच्चे पैदा होने के बाद उसका लालन-पालन भी कोई साधारण काम नहीं होता है। नवजात बच्चों को दूध पिलाने से लेकर डायपर बदलने तक एक मां के पसीने छूट जाते हैं। हद तो जब हो जाती है, जब एक दो नहीं बल्कि सीधे 9 बच्चे पैदा हो जायें तो, सोचिए बेचारी मां की क्या हालत होती होगी?

आपको बता दें कि  ऐसे ही दौर से गुजर रही है माली की रहने वाली एक महिला। हलीमा सीसी ने मई में मोरक्को के अस्पताल में इन बच्चों को जन्म दिया था। बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, क्योंकि 9 बच्चों की एक साथ परवरिश कर पाना एक मां के लिए संभव नहीं है।

मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे अभी 2 महीने और अस्पताल में रहेंगे। हलीमा और कादेर अर्बी की शादी साल 2017 में हुई थी। शादी से पहले ही इनकी ढाई साल की एक बेटी है। हलीमा ने 5 मई को 9 बच्चों को एक साथ जन्म देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2009 में नादिया सुल्तान के नाम था। उसने 8 बच्चों को जन्म दिया था।

हलीमा के सभी बच्चों का वजन 500 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक है। उनकी देखभाल की जिम्मेदारी नर्सें उठा रही हैं।हलीमा की कहानी डेली मेल ने पब्लिश की है। इसमें कहा गया कि हलीमा को आखिरी समय तक नहीं बताया गया था कि वो 9 बच्चों की मां बनने वाली है। सभी बच्चे सिजेरियन से हुए। उसे कुछ मिनट पहले ही इस बारे में बताया गया था।

हलीमा का सिजेरियन ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों को भी ऐन वक्त पर पता चला कि उसके गर्भ में 9 बच्चे हैं। इससे पहले उन्हें लगा था कि 7 होंगे। हलीमा बच्चों की परवरिश को लेकर डरी हुई है। उसे समझ नहीं आ रहा कि वो 9 बच्चों को कैसे पालेगी? इन बच्चों के लिए रोज 100 डायपर और छह लीटर दूध की जरूरत पड़ती है।

बता दें कि इन बच्चों की जांच आदि का खर्चा अभी माली सरकार उठा रही है। इन पर अब तक भारतीय करेंसी के हिसाब से 10 करोड़ रुपए तक खर्च हो चुके हैं।

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