नई दिल्ली : हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया पर्व का एक अलग ही महत्व है। इस दिन को हिंदू बड़े धूम-धाम के साथ मनाते है और मां लक्ष्मी की पूजा करते है। इस बार अक्षय तृतीया का पावन पर्व 14 मई, 2021 शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि इस बार अक्षय तृतीया पर शुभ योग बनने जा रहा है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस दिन सूर्य मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शुक्र, बुध और राहु पहले से वृष राशि में विराजमान है। इस दिन चार ग्रह एक ही राशि में आ जाएंगे। चंद्रमा भी वृष राशि में आ जाएंगे। अक्षय तृतीया के दिन संध्या काल में चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मिथुन राशि में मंगल पहले से विराजमान हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा के मिथुन राशि में प्रवेश करने से धन लाभ होने के योग बन जाते हैं।
अक्षय तृतीया के पावन दिन खरीदारी करना और निवेश करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में ही रहना सुरक्षित है, इसलिए खरीदारी करने के लिए बाहर न जाएं। जरूरी सामान ही घर लाएं। इस दिन किसी भी तरह का शुभ कार्य किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए कार्यों में सफलता जरूर मिलती है।
इस दिन करें दान- पुण्य
अक्षय तृतीया के दिन दान करने का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।
शुभ मुहूर्त:
14 मई को सुबह में 05:38 बजे से अगले दिन 15 मई को प्रात: 05:30 बजे के मध्य कभी भी सोना या सोने के आभूषण खरीद सकते हैं। सोना खरीदने के लिए आपको कुल 23 घंटे 52 मिनट का समय है।
सोना खरीदने का चौघड़िया मुहूर्त :
प्रातः मुहूर्त: 14 मई को प्रात: 05:38 बजे से सुबह 10:36 बजे तक।
अपराह्न मुहूर्त: शाम को 05:23 बजे से शाम 07:04 बजे तक।
अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक।
रात्रि मुहूर्त: रात 09:41 बजे से रात 10:59 बजे तक।
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर): देर रात 12:17 बजे से 15 मई को प्रात: 04:12 बजे तक।
(नोट : इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। अतः इन्हें अपनाने से पहले एक बार संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)