कोरोना काल में डिजिटल पेमेंट की संख्या में इजाफा हुआ है। इसी के चलते साइबर अटैक भी बढ़ गए हैं। ऐसे में लोग फ्रॉड का शिकार न हो और उनका ट्रांजैक्शन सुरक्षित तरीके से हो सके इसलिए आरबीआई ने नए क्यूआर कोड के इस्तेमाल को जरूरी बताया है।
रिजर्व बैंक के मुताबिक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स को एक ऐसे क्यूआर कोड सिस्टम में शिफ्ट करना होगा, जो दूसरे पेमेंट ऑपरेटर्स द्वारा भी स्कैन हो सके। नए कोड्स के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स को शुरूआत करनी होगी। आम लोगों को सहूलियत होगी और पेमेंट सिस्टम भी पहले से बेहतर होगी।
आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार पेमेंट कंपनियों के लिए इंटरऑपरेबल क्विक रिस्पॉन्स कोड का इस्तेमाल जरूरी होगा।
इंटरऑपरेबल QR ऐसा कोड होगा जिसे आसानी से पढ़ सके। UPI QR और Bharat QR पहले की तरह ही जारी रहेंगे। देश में इस समय तीन तरह के QR कोड Bharat QR, UPI QR और प्रोपराइटरी QR कोड चलन में हैं।