रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: सीएम योगी की नीति और रणनीति का ही परिणाम है कि सूबे में कोरोना महामारी खत्म होने के कगार पर खड़ी है। कोरोना को लेकर सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है पर यह समय अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरतने का है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।
आपको बता दें कि टीम 9 के साथ प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लगातार कोशिशों से प्रदेश में कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। आज कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से भी कम हो गई है। जनपद अलीगढ़, अमेठी, चित्रकूट, एटा, फिरोजाबाद, गोंडा, हाथरस, कासगंज, पीलीभीत, सहारनपुर, शामली और सोनभद्र में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है।
उन्होने कहा कि यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 बनी हुई है और रिकवरी दर 98.6 फीसदी है। यह स्थिति संतोषप्रद है।
आपको बता दें सूबे में बुधवार को महामारी के 34 नए मामले सामने आए थे, जबकि तीन लोगों की मौत हुई थी। नए मामलों से राज्य में कुल कोरोना मामलों की संख्या 17.08 लाख तक पहुंच गई थी, जिसमें से 16.85 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन ने संकेत दिया कि लखनऊ और वाराणसी के 19 जिलों से नए मामले सामने आए, जिनमें से सभी में अधिकतम छह मामले थे।
योगी सरकार के 3T (ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट) फॉर्मूले का परिणाम है कि प्रदेश में महामारी दम तोड़ती नजर आ रही है। जबकि बात करें अन्य राज्यों की तो देश के कई ऐसे राज्य हैं, जहां महामारी के कारण हालात खराब ही हैं। केरल और महाराष्ट्र में महामारी के नये मामले अब भी बड़ी संख्या में सामने आ रहें हैं। जबकि वहां की जनसंख्या यूपी की तुलना में काफी कम है।