बड़वानी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा एक रिश्वत का मामला सामने आया है। आंगनवाड़ी सहायिका के लंबित मानदेय को जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है।
ग्राम संगोदा निवासी उर्मिला सोलंकी, जो आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि सितंबर 2025 से उनका लगभग आठ माह का मानदेय भुगतान लंबित था। इसी भुगतान को जारी कराने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
आरोप है कि परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी और भृत्य दिनेश खतवासे ने मिलकर 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। बाद में इस रकम को एक अन्य माध्यम से लेने की योजना बनाई गई।
लोकायुक्त जांच में सामने आया कि रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपये एक चाय दुकान संचालक राजेश पाटीदार के माध्यम से लिए गए। इसी दौरान इंदौर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर टीम गठित की गई थी। 2 जून 2026 को की गई ट्रैप कार्रवाई में रिश्वत लेते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।