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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 22 लाख की ठगी, रिटायर्ड अधिकारी को 13 दिन तक रखा मानसिक दबाव में

मैहर के अमरपाटन में साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और 22 लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

By: Nivedita 
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 22 लाख की ठगी, रिटायर्ड अधिकारी को 13 दिन तक रखा मानसिक दबाव में

मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क और उनकी नई ठगी तकनीकों को उजागर कर दिया है।

खुद को CBI अधिकारी बताकर बनाया निशाना

जानकारी के अनुसार ग्राम इटमा कोठार निवासी मानेंद्र सिंह राठौर को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर स्वयं को केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) का अधिकारी बताया। आरोपियों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाम आने की बात कहकर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया।

13 दिनों तक लगातार बनाया दबाव

साइबर अपराधियों ने फोन कॉल, वीडियो कॉल और मैसेज के माध्यम से करीब 13 दिनों तक पीड़ित को मानसिक रूप से परेशान किया। इस दौरान उन्हें लगातार यह विश्वास दिलाया गया कि वे एक गंभीर मामले में फंस चुके हैं और जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

बैंक और संपत्ति की जानकारी लेकर कराई रकम ट्रांसफर

ठगों ने चालाकी से पीड़ित की बैंकिंग और वित्तीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उन्हें अपनी चार फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाने के लिए राजी किया गया। आरोपियों के निर्देश पर कुल 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।

अतिरिक्त 8 लाख रुपये की मांग पर हुआ शक

ठगी की रकम हासिल करने के बाद भी अपराधियों ने पीड़ित से 8 लाख रुपये और जमा करने की मांग की। लगातार बढ़ती मांग और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर मानेंद्र सिंह राठौर को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।

महिला समेत तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की अपील: अनजान कॉल और वीडियो कॉल से रहें सावधान

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी, पुलिस या जांच एजेंसी का कर्मचारी बताने पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति डिजिटल अरेस्ट, गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां

* किसी भी अनजान कॉलर को बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी न दें।
* वीडियो कॉल पर मिलने वाले निर्देशों का बिना सत्यापन पालन न करें।
* डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों से घबराने के बजाय आधिकारिक एजेंसियों से जानकारी की पुष्टि करें।
* साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
* बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की नियमित निगरानी करें।

यह मामला लोगों को सतर्क रहने और साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी तकनीकों से बचने की महत्वपूर्ण सीख देता है।

 

 

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