रिपोर्ट: सत्यम दुबे
वाराणसी: कोरोना महामारी के कारण यूपी के जिला जेल और सेंट्रल जेल में परिजनों को कैदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई थी। महामारी काबू में आने के बाद 16 अगस्त सोमवार को रोक हटा ली गई है। अब परिजन कैदियों से मुलाकात कर सकेंगे। लेकिन मुलाकात के समय तीन दिन के अंदर की RTPCR कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जेल प्रशासन को दिखानी होगी।
आपको बता दें कि परिजनों को कैदियो से मिलने की इजाजत तो मिल गई है। लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के बिना मिलने नहीं दिया जायेगा। बिना मास्क लगाए कोई भी व्यक्ति जेल के अंदर दाखिल नहीं हो सकेगा। एक बंदी से सप्ताह में एक बार दो लोग मुलाकात कर सकेंगे।
वाराणसी जिला जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना की मानें तो, कोरोना महामारी को देखते हुए फोन की भी व्यवस्था की गई है। 15 फोन के माध्यम से बंदी अपने परिजनों से बात कर सकते हैं। इसके लिए बंदी को पहले जेल प्रशासन को दो नंबर देने होंगे। इस समय जिला जेल चौकाघाट में 2377 बंदी हैं। वहीं सेंट्रल जेल शिवपुर में 1600 बंदी निरुद्ध हैं। कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराते हुए बंदियों की मुलाकात उनके परिजनों से कराई जाएगी।
आपको बता दें कि योगी सरकार की नीति और रणनीति से सूबे में कोरोना महामारी दम तोड़ती नजर आ रही है। जिसका परिणाम है कि सरकार कोरोना के सख्त नियमों में थोड़ी ढ़ील दी है। 16 अगस्त सोमवार से सूबे के 9वीं से 12वीं तक के सभी स्कूलों को खेल दिए गये हैं। 23 अगस्त से 6वीं से 8वीं तक के छात्रों के स्कूल खोले जायेंगे। जबकि एक सितंबर से पहली से लेकर 5वीं तक के सभी स्कूलों को खोलने की तैयारी है।
बात करें सूबे में कोरोना महामारी की स्थिति की तो पिछले 24 घंटे में प्रदेश की 15 जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही सभी 15 जिलों को कोरोना हो गये हैं। सरकार लोगो से आग्रह कर रही है कि महामारी अभी पूर्ण रुप से खत्म नहीं हुई है, केवल महामारी पर काबू पाया गया है। इसलिए कोविड गाइडलाइन का पालन करें।