रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: सोमवार को जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सेना के जवान निशांत शर्मा का उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गय़ा। आपको बता दें कि निशांत शर्मा पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन में 18 जनवरी को जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास अग्रिम ठिकानों पर गोलीबारी में जख्मीं हो गये थे। निशांत सेना की 10 61RR(JAT) बटालियन के जवान थे।
निशांत शर्मा को इलाज के लिए कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इलाज के दौरान ही वह शहीद हो गये। रविवार देर रात को निशांत शर्मा का पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद सहारनपुर लाया गया। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। जवान की शहादत को सलाम करने के लिए लोगों का तांता लग गया।
शहीद की एक झलक देखने को उनके माता-पिता, दो भाई व उनकी पत्नी बेताब थीं। शहीद निशांत शर्मा की करीब 4 साल पहले शादी हुई थी। शहादत की खबर सुनते ही जिलाधिकारी ने शहीद के घर पहुंच कर संवेदना व्यक्त की थी।
इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ निशान्त शर्मा के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होंने शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जनपद की एक सड़क का नामकरण शहीद निशान्त शर्मा के नाम पर करने का भी ऐलान किया है।