आगर मालवा स्थित प्रसिद्ध बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन कमल कुंड की स्थिति इन दिनों बेहद खराब हो गई है। कुंड का पानी लगातार घट रहा है और जो पानी बचा है वह अत्यधिक गंदा हो चुका है। इसके चलते यहां मौजूद कछुओं और अन्य जलजीवों के जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर परिसर में चल रहे जीर्णोद्धार और निर्माण कार्यों के कारण कुंड की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। पानी का स्तर लगातार गिर रहा है और प्रदूषण बढ़ने से जलजीवों के लिए जीवित रहना मुश्किल होता जा रहा है। भीषण गर्मी में ऑक्सीजन की कमी के कारण कछुओं की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत दी थी। उन्होंने मांग की थी कि कुंड में मौजूद कछुओं को मोतीसागर तालाब या किसी सुरक्षित जलाशय में स्थानांतरित किया जाए, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के पुजारी द्वारा भी प्रशासन को पत्र सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है, जिससे स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया कि मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और कछुओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के लिए वन विभाग को सूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तब तक इन्हें सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कदम उठाए जाएं, ताकि कुंड में मौजूद जलजीवों की जान बचाई जा सके। अब सभी की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।