मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर जनता पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ डालने का आरोप लगाते हुए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT और सेस में तत्काल कटौती की मांग की है। उनका कहना है कि टैक्स कम होने से आम लोगों को प्रति लीटर ₹12 से ₹15 तक राहत मिल सकती है।
उमंग सिंघार ने कहा कि देश के कई बड़े शहरों की तुलना में भोपाल में पेट्रोल काफी महंगा बिक रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की तुलना में मध्यप्रदेश के लोगों को प्रति लीटर पेट्रोल पर ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है। इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राज्य में ईंधन पर इतना अधिक टैक्स क्यों लगाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर अलग-अलग प्रकार के टैक्स वसूल रही है, जिससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार पेट्रोल पर VAT, अतिरिक्त VAT और सेस मिलाकर बड़ी राशि टैक्स के रूप में वसूली जा रही है। इसी तरह डीज़ल पर भी भारी टैक्स का बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।
उमंग सिंघार ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे बाजार और आम जीवन पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि डीज़ल महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ता है, जिसका सीधा असर सब्जियों, राशन, दूध, खेती और निर्माण सामग्री जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ता है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से मांग की कि जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले VAT और सेस में तत्काल कटौती की जाए। उनका कहना है कि महंगाई से परेशान लोगों को अब सिर्फ घोषणाओं नहीं, बल्कि वास्तविक राहत की जरूरत है।
मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीज़ल के दामों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां टैक्स कम करने की मांग कर रहा है, वहीं अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।