मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले 25 वर्षों के लिए एक स्पष्ट दृष्टिपत्र तैयार किया है, जिसके तहत मध्यप्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1 लाख 55 हजार रुपए है, जिसे आगामी 25 वर्षों में बढ़ाकर 22 लाख 50 हजार रुपए करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य औद्योगिक विकास, कृषि, एमएसएमई, नवकरणीय ऊर्जा और मानव संसाधन विकास के समन्वित प्रयासों से हासिल किया जाएगा।
एमएसएमई औद्योगिक विकास की बैक बोन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लंबे समय से कृषि क्षेत्र में अग्रणी रहा है, लेकिन एमएसएमई सेक्टर प्रदेश के औद्योगिक विकास की रीढ़ (Backbone) है। राज्य सरकार लघु, सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष नीतियां लागू कर रही है, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने यह विचार सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में एक निजी मीडिया संस्थान के संपादक श्री प्रफुल्ल केटकर के साथ संवाद के दौरान व्यक्त किए।
18 नई औद्योगिक नीतियां, छोटे शहरों तक पहुंचेगा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य औद्योगिक विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर छोटे शहरों और संभागीय स्तर तक पहुंचाना है। इसके लिए माइनिंग, टेक्सटाइल, टूरिज्म जैसे सेक्टर्स पर केंद्रित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं। कटनी और शहडोल में माइनिंग सेक्टर में बड़े निवेश प्रस्ताव आए हैं, वहीं नर्मदापुरम के बाबई–मोहासा क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट निर्माण के लिए औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।
कृषि, फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन पर फोकस
कृषक कल्याण वर्ष के तहत मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए कृषि उत्पादन के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। सिंचाई रकबा भी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष में ही 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी है, जिसे आगे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। नर्मदा का जल क्षिप्रा नदी में पहुंचने से मालवा अंचल के किसानों को बड़ा लाभ मिला है।
नवकरणीय ऊर्जा में देश में तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर मुरैना में बड़ा सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराकर उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मंदसौर के गांधी सागर बांध में पंप स्टोरेज परियोजना भी कम समय में पूर्ण की गई है, जो राज्य की ऊर्जा क्षमता को और मजबूत करेगी।
बजट से मिलेगा समग्र विकास को बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र प्रारंभ हो चुका है और 18 फरवरी को राज्य सरकार का बजट पेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आगामी 5 वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करना है। शहरीकरण और औद्योगिकरण-दोनों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदौर और भोपाल में मेट्रोपोलिटन एरिया विकसित किए जा रहे हैं।
नक्सलवाद से मुक्त होने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश 31 मार्च की डेडलाइन से पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला पहला राज्य बन गया है। इसमें हॉक फोर्स और पुलिस के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विकास योजनाओं के माध्यम से नक्सलवाद दोबारा पनप न सके।
युवाओं के कौशल उन्नयन पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी सेंटर खोले जा रहे हैं। संवाद कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक श्री अरुण कुमार गोयल ने आभार व्यक्त किया।






